नाम:- राजनंदिनी गुप्ता अनुक्रमाक:-235 कोर्स:- बीए प्रोग्राम विषय:- हिंदी सिनेमा कॉलेज:- पीजीडीएवी कॉलेज (साध्य)

  • फिल्म- गुठली लड्डू (Guthlee Ladoo)*
  • डायरेक्टर- इशरत खान (Ishrat R Khan)*
  • स्टारकास्ट- संजय मिश्रा (Sanjay Mishra), सुब्रत दत्ता (Subrat Dutta),कल्याणी मुले (Kalyanee Mulay), कंचन पगारे (Kanchan Pagare)*
  • IMDb रेटिंग- 7.7*
  • Guthlee Ladoo*: हिंदी सिनेमा में पहले भी ऐसी कई फिल्में बन चुकी हैं, जिनमें समाज में जाति-व्यवस्था को बारीकी से दिखाया गया है। हालांकि अब ऐसी फिल्में आनी थोड़ी कम हो गई हैं। लेकिन आज यानी 13 अक्टूबर को सिनेमाघरों में संजय मिश्रा की फिल्म 'गुठली लड्डू' रिलीज हो गई है, जो जाति के बंधनों पर करारी चोट करती है। इशरत आर खान के निर्देशन में बनी इस फिल्म में संजय मिश्रा के अलावा सुब्रत दत्ता ,कल्याणी मुले और कंचन पगारे जैसे शानदार एक्टर्स नजर आ रहे हैं। आइए जानते हैं फिल्म की कहानी...


  • कहानी*

फिल्म की कहानी गुठली और लड्डू की है, जिनके घर में सभी लोग साफ-सफाई का काम करते हैं लेकिन गुठली स्कूल जाकर पढ़ाई करना चाहता है, जिसमें उसकी जाति आड़े आ रही है। उसका पढ़ाई-लिखाई में बहुत मन लगता है। दूसरे बच्चे जो विषय क्लास में बैठकर समझ नहीं पाते उसे गुठली खिड़की से ही देखकर समझ लेता है। स्कूल के प्रिंसिपल संजय मिश्रा जो पहले नहीं चाहते थे, गुठली उनके स्कूल में पढ़े, उनका धीरे-धीरे गुठली के प्रति रवैया बदलने लगता है। क्या गुठली पढ़-लिख पाएगा? और क्या उसे स्कूल में एडमिशन मिलेगा? ऐसे तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए आपको यह फिल्म देखनी होगी।


  • एक्टिंग*

जाति व्यवस्था पर चोट करती यह फिल्म अपनी कहानी से बहुत गंभीर संदेश देती है और ऐसे कई सवाल उठाती है जो आपके मन को कहीं न कहीं कचोटते हैं। स्कूल के प्रिंसिपल के रूप में संजय मिश्रा ने शानदार एक्टिंग की है। उनके हाव-भाव और डायलॉग डिलीवरी हमेशा की तरह जबरदस्त रही है। वहीं लड्डू के किरदार को हीत शर्मा ने जिया है। वह स्क्रीन पर बहुत अच्छे लगे हैं। इसके अलावा सभी एक्टर्स ने अच्छा काम किया है।


  • डायरेक्शन*

गुठली लड्डू का निर्देशन इशरत खान ने किया है। वह फिल्म से जो संदेश देना चाहते थे, वो उन्होंने बखूबी दिया है। हर सीन को उन्होंने इतना परेफेक्ट बनाने की कोशिश की है कि आप चाहकर भी कमी नहीं निकाल सकते हैं। दिग्गज एक्टर्स के साथ उन्होंने बाल कलाकारों से भी बढ़िया काम लिया है। चमक-धमक से दूर गुठली लड्डू की ये कहानी एक ऐसी दुनिया में ले जाएगी, जहां आप समाज के बारे में सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। कुल मिलाकर कहें तो फिल्म देखने लायक है।

जैसे-जैसे कहानी वास्तविकता और आशा दिखाने के बीच बहती हैं, फिल्म का दूसरा भाग अपनी गति खो देता है और फिल्म कई जग‌हो में खामिया है, लेकिन शिक्षा और सभी नागरिकों के लिए बनाए गए अन्य कानूनो और अधिकार के बारें में जागरुक होने के महत्व का अधिकारी बारें में संदेश देने मे प्रभावशाली है।

काहनी कड़वी और पेरशान करने वाली बात है, समनता और प्रकाश की किरण के रूप सहानुभूति को बढ़ता देने में भी काम करती है।

  • हमें यह फिल्म क्यों देखनी चाहिए?*

गुठली और लड्डू एक मजेदार और हास्यपूर्ण फिल्म है जो बच्चों को खूबसूरत कहानी और मनोरंजन प्रदान करती है। फिल्म में गुठली और लड्डू के बीच की दोस्ती का किस्सा दिखाया गया है जो हर बच्चे को प्रेरित करेगा।

इस फिल्म में किरदारों का सुंदर संगम है और कहानी में हास्य और भावनाओं का सही मिश्रण है। संवाद भी मनमोहक है और दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर करता है।

कुल मिलाकर, 'गुठली और लड्डू' एक मनोरंजनीय फिल्म है जो पूरे परिवार के साथ देखने के लिए सही है।