अंग्रेजी में शब्दों का उच्चारण अलग-अलग होता रहता है। हर शब्द के कई उच्चारण हो सकते हैं। इस कारण शब्दों को याद रखना ज़रूरी हो जाता है। वाक्यों के साथ भी शब्दों के अलग अलग उच्चारण होते हैं। कई बार वाक्यों के हिसाब से शब्दों को भी बदलना पड़ता है। कई देशों के अनुसार भी शब्दों का अलग उच्चारण और शब्द भी अलग अलग होते हैं। कई देशों में सबसे अधिक ब्रिटेन और अमेरिका में बोले जाने वाली अंग्रेज़ी का प्रयोग होता है। यदि आप तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो ब्रिटेन की अंग्रेजी आपको मुसीबत में डाल सकती है।

कई प्रोग्रामिंग भाषाओं में अमेरिकी अंग्रेज़ी का ही प्रयोग होता है (जैसे कि, HTML में colour कोई मान्य एट्रीब्यूट नहीं है)। इंटरनेट और तकनीकी विकास अमेरिका में अधिक हो रहा है। इस कारण ब्रिटेन में बोले जाने वाली अंग्रेजी से आपको कोई खास लाभ नहीं होगा।

शब्द और वर्तनीसंपादित करें

यदि आप अमेरिका जा रहे हैं, तो आपको टॉर्च (torch) शब्द के स्थान पर फ्लैशलाइट (flashlight) कहना पड़ेगा। हालांकि हो सकता है कि दूसरे शब्द बोलने पर भी वे लोग समझ लें, पर वहाँ टॉर्च शब्द के स्थान पर फ़्लैशलाइट ही कहा जाता है। इस कारण आपको भी फ़्लैशलाइट ही कहना पड़ेगा।

इसी तरह रंग शब्द में भी आपको परेशानी हो सकती है। अमेरिका में रंग को "कलर" (color) लिखते हैं, जबकि ब्रिटेन में "कलर" (colour) लिखते हैं। इस तरह से यदि आप अमेरिका में ब्रिटेन में लिखा जाने वाला शब्द लिखेंगे तो उसे गलत ही मान लिया जाएगा और ब्रिटेन में यदि आप अमेरिका वाला शब्द लिखेंगे तो उसे गलत माना जाएगा। किसी पर्यटक से तो इस तरह की गलती हो ही सकती है, पर यदि आप कोई काम करते हैं, तो इससे आपको मुसीबत का सामना ज़रूर करना पड़ेगा।

इसमें समस्या यह है कि इस तरह के एक दो शब्द नहीं, बल्कि कई सारे ऐसे शब्द हैं, जिससे आपको परेशानी हो सकती है। अभी तक तो आप केवल ब्रिटेन और अमेरिका में लिखे और बोले जाने वाले अंग्रेजी की समस्या ही पढ़ रहे हैं, लेकिन कई अन्य देशों में जहाँ अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के रूप में लिखा और बोला जाता है, वहाँ कुछ ऐसा ही हाल है।

केवल शब्द और लिखने के अक्षर में ही बदलाव नहीं है, बल्कि उच्चारण में भी अलग अलग देशों में अलग अलग उच्चारण है और कई शब्दों के एक से अधिक उच्चारण आपको देखने को मिलेंगे। इस उच्चारण से जुड़ी जानकारी को आप इस पुस्तक के उच्चारण वाले पृष्ठ पर पा सकते हैं।