कृष्ण काव्य में माधुर्य भक्ति के कवि/सरसदास की रचनाएँ


इनके पद ,कवित्त और सवैये स्फुट रूप में उपलब्ध हैं।

  • इनकी समस्त वाणी दो भागों में विभक्त है।
  1. सिद्धांत के पद
  2. श्रृंगार के पद