गणित में आव्यूह एक अदिश राशियों से निर्मित आयताकार रचना है। यह आयताकार रचना लघु कोष्ठक "()", दोहरे दण्ड "|| ||" अथवा दीर्घ कोष्ठक "[ ]" के अन्दर बंद होती है। इसमें संख्याओं का एक विशेष प्रकार का विन्यास किया जाता है, अत: इसे आव्यूह, या मैट्रिक्स, की संज्ञा दी गई है। मैट्रिक्स के अवयव संख्याएँ होती हैं किन्तु ये ऐसी कोई भी अमूर्त वस्तु हो सकती है जिनका गुणा किया जा सके एवं जिन्हें जोड़ा जा सके।

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विकिपीडिया पर आव्यूह के बारे में एक लेख है।

सर्वप्रथम सिल्वेस्टर (1850) ने आव्यूह की यह परिभाषा दी थी कि संख्याओं के किसी आयताकार सरणी को, जिसमें से सारणिक (determinants) बन सकें, आव्यूह कहते हैं। आधुनिक समय में आव्यूह को एक अतिसंमिश्र (hypercomplex) संख्या के रूप में मानते हैं। इस दृष्टिकोण के प्रवर्तक हैं मिल्टन (1853) और केली (1858)।

  • पंक्ति आव्यूह
  • वर्ग आव्यूह
  • विकर्ण आव्यूह
  • तत्समक आव्यूह
  • त्रिभुजीय आव्यूह