निर्माता : आदित्य चोपड़ा

निर्देशक : शिमित अमीन

पटकथा-संवाद-गीत : जयदीप साहनी

संगीत : सलीम-सुलेमा न

कलाकार : शाहरुख खान, विद्या मालवदे, अंजन श्रीवास्तव, जावेद खान

रेटिंग : 4/5

" चक दे इंडिया "

"चक दे इंडिया" एक ऐसी फिल्म है जो भारतीय हॉकी के विकास और महिला हॉकी टीम के साथ एक उत्कृष्ट संघर्ष को दर्शाती है। इस फिल्म का निर्देशन श्याम बेनेगल ने किया है और इसमें शाहरुख़ ख़ान ने प्रमुख भूमिका निभाई है। यह एक प्रेरणादायक कहानी है जो न केवल हॉकी के प्रति उत्साह बढ़ाती है, बल्कि समाज में महिलाओं के योगदान को भी महसूस कराती है। यहां हम "चक दे इंडिया" की एक विस्तृत रिव्यू प्रस्तुत कर रहे हैं:

**कहानी:**

"चक दे इंडिया" की कहानी हमें एक नाकाम हॉकी खिलाड़ी, कबीर खान (शाहरुख़ ख़ान) के साथ जुड़ती है, जो एक बार राष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में अपने देश को लज्जित कर देता है। कबीर की संघर्ष और जीत की कहानी को दिखाने के लिए यह फिल्म है। उसके बाद, वह एक कोच के रूप में एक नयी दिशा में अपने जीवन को आगे बढ़ाता है और एक महिला हॉकी टीम को रूपांतरित करता है।

**निर्देशन:**

श्याम बेनेगल ने एक बड़े पैमाने पर महिला हॉकी के विकास और उनके खेल के उत्थान को दिखाने में सफलता प्राप्त की है। वह फिल्म के प्रत्येक पल को जीवंत करते हैं और दर्शकों को एक गहरा संदेश देते हैं।

**अभिनय:**

शाहरुख़ ख़ान ने अपनी भूमिका को जीवंत किया है और उन्होंने कबीर खान के रूप में एक बेहतरीन परफॉर्मेंस दी है। वे अपने किरदार में जीवन भर के अनुभवों को दिखाते हैं। साथ ही, महिला हॉकी टीम के सदस्यों ने भी अच्छा काम किया है और उन्होंने अपने किरदारों को बहुत ही विश्वसनीय ढंग से प्रस्तुत किया है।

**संवाद:**

"चक दे इंडिया" में संवादों की गहराई और उत्कृष्टता है। दर्शकों को एक संदेश से सम्बंधित उत्कृष्ट उदाहरण मिलते हैं जो उन्हें उत्साहित करते हैं।

**संगीत:**

"चक दे इंडिया" का संगीत भी बहुत ही प्रभावशाली है। गाने और संगीत का मिलन फिल्म को और भी रोमांचक बनाता है।

**निष्क

चक दे इंडिया’ के जरिये निर्देशक शिमित अमीन और लेखक जयदीप साहनी ने कई बातें कही हैं। जैसे

· हॉकी की हमारे देश में जो स्थिति है उसके लिये सिर्फ खिलाडियों को ही जिम्मेदार मानना सही नही है, उसके लिये हॉकी संघ में बैठे भ्रष्ट लोग भी उतने ही जिम्मेदार है।

· हॉकी खिलाड़ियों की आर्थिक स्थिति कैसी होती है। मसलन शाहरुख का खटारा स्कूटर पर बैठकर कोचिग देने जान भारत के श्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ी की आर्थिक स्थिति बताती है।

· एक सच्चे देशभक्त मुस्लिम को हर समय संदेह की दृष्टि से देखा जाता है। खेल के दौरान एक मामूली चूक के कारण कबीर खान को गद्दार मान लिया गया।

· महिला खिलाड़ियों को पुरुषों से कमतर आंका जाता है ऐसा समझा जाता है चकला-बेलन चलाने वाली लड़कियाँ हॉकी क्या खेलेंगी

· मिजोरम जैसे उत्तर-पूर्वी लोगों को हमारे देश का सदस्य नहीं माना जाता है।

· मै हिन्दू हूँ, यह मुस्लिम है, वह सिख है, सभी बोलते हैं, लेकिन वे भूल जाते हैं कि सबसे पहले वे भारतीय हैं।