फिल्म का नाम - 12th fail डायरेक्टर - विधु विनोद चोपड़ा मुख्य कलाकार - फिल्म में विक्रांत मैसी ,अंशुमन पुष्कर, अनंत सी जोशी और मेधा शंकर मुख्य कलाकार है। अवधि - 2 घंटा 26 मिनट रेटिंग - 12वी फेल फिल्म को आई एम टीवी पर 9.2 रेटिंग मिली है वही फिल्म का नाम आईएमडीबी की टॉप 250 भारतीय फिल्मों की लिस्ट में नंबर एक पर है रिलीज की तारीख - 27 अक्टूबर 2023 भाषा हिंदी और कन्नड फिल्म अनुराग पाठक की किताब 'ट्वेल्थ फेल' पर आधारित है. और ये किताब सच्ची घटनाओं पर आधारित है. मनोज कुमार शर्मा के चम्बल के एक गांव से निकलकर आईपीएस बनने की कहानी. इस बीच उनके क्या संघर्ष रहे, कैसे एक लड़का जो आईपीएस का आई भी नहीं जानता था, बिना पैसों के दिल्ली आता है. यूपीएससी एग्ज़ाम में झंडे गाड़ता है. इन सबमें उसका साथ देती है गर्लफ्रेंड श्रद्धा और उसका प्रेम. ये फिल्म इस मिथक को तोड़ती है कि प्रेम पथ से विचलित करता है. कई बार, इन्फैक्ट ज़्यादातर बार, प्रेम पथ से विचलित हो रहे व्यक्ति को संतुलन देता है.

विधु विनोद चोपड़ा की फिल्मों को आप देखेंगे, तो उनकी स्टोरीटेलिंग के साथ-साथ सिनेमैटोग्राफी में भी कुछ अलग बात होती है. 'ट्वेल्थ फेल' भी कोई अपवाद नहीं है. फिल्म में चम्बल वाले दृश्यों को रंगराजन रामबद्रन ने कई-कई मौकों पर बहुत अच्छे ढंग से फिल्माया है. डॉक्यूमेंट्री स्टाइल में वो हैंडहेल्ड कैमरा लेकर भागे हैं. इसके अलावा एक-दो शॉट को स्पेशल मेंशन अवॉर्ड देना चाहूंगा. एक जगह मनोज अपनी जुगाड़ वाली गाड़ी में जा रहा होता है. ड्रोन कैमरा उसके साथ-साथ चल रहा होता है. अचानक उसके सामने एक गाड़ी आ जाती है. ऐसे में कोई कट नहीं आता, कैमरा पीछे होता जाता है और एकदम टाइट फ्रेम वाइड ऐंगल बन जाता है. कोई नया प्रयोग नहीं है, लेकिन सुंदर तो है ही. ऐसे ही एक छाते के अंदर से पीओवी शॉट है. हालांकि मनोज के दिल्ली आने के बाद कैमरा वर्क और सिनेमैटोग्राफी बहुत साधारण हो जाती है. उसकी रॉनेस खत्म हो जाती है. अच्छा कैमरावर्क वो होता है, जिसमें नंगी आंखों से जो आप देख सकते हैं, हूबहू वैसा ही स्क्रीन पर दिखे. दिल्ली वाले सीन्स में ये मिसिंग है. 12th Fail" एक फिल्म है जो एक आम छात्र की कहानी पर आधारित है, जिसने 12वीं कक्षा में फेल होने के बाद भी अपने सपनों की पूर्ति के लिए संघर्ष किया। फिल्म का संदेश युवा पीढ़ी के लिए बहुत ही प्रेरणादायक है। यह दिखाती है कि शिक्षा में एक ही मापदंड की महत्वपूर्णता नहीं है और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को अपनी क्षमताओं का सही तरीके से उपयोग करना चाहिए।

फिल्म में सोशल मैसेजेस और जीवन के तथ्यों को बेहतरीन तरीके से समाहित किया गया है। यह दिखाती है कि समाज में स्वीकृत मानकों के बावजूद अगर कोई व्यक्ति अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए मेहनती है, तो वह सफल हो सकता है।

फिल्म का कथा सारांश: "12th Fail" की कहानी एक सामान्य छात्र की है जो अपनी अच्छी पढ़ाई के बावजूद 12वीं कक्षा में फेल हो जाता है। इसके बावजूद, वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए हार नहीं मानता और एक अनूठे रास्ते पर चलने का निर्णय करता है।

कलाकारों का अभिनय: फिल्म में कलाकारों का अभिनय उत्कृष्ट है। प्रमुख पात्र ने अपनी भूमिका को बड़ी महनत और सावधानी से निभाया है, जिससे दर्शकों को उनकी कहानी में जुड़ाव आता है।

निर्देशकीय दृष्टिकोण: निर्देशक ने फिल्म को बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत किया है। उनकी दृष्टि में दर्शकों को कभी हंसी, कभी रोने का सा मौका मिलता है, जिससे फिल्म का अंदाज़ रंगीन होता है।

संवाद और लेखन: फिल्म के संवाद और लेखन में भी चुनौतीपूर्ण मोमेंट्स हैं जो दर्शकों को गहरे सोचने पर मजबूर करते हैं। संवादों में विविधता है और कहानी को सार्थक बनाने में सहायक हैं।

संगीत और छवियां: फिल्म का संगीत और छवियां भी उत्कृष्ट हैं। संगीत फिल्म के मूड को बढ़ाता है और दर्शकों को कहानी में रंगीनी लाने में मदद करता है। छवियां भी उत्कृष्ट हैं और कहानी को बेहतरीन तरीके से व्यक्त करती हैं।

उत्कृष्टता और कमजोरियां: फिल्म की उत्कृष्टता उसकी मजबूत कहानी और अच्छे अभिनेता कला में है। हालांकि, कुछ क्षण हैं जहां फिल्म की कहानी में कुछ गड़बड़ी हो सकती है और दृश्यों का फ्लो अच्छे से प्रबंधन नहीं किया जा सकता है।

निष्कर्ष: "12th Fail" एक मोटिवेशनल फिल्म है जो दर्शकों को सिखाती है कि कभी-कभी हार नहीं माननी चाहिए और अगर आपकी मेहनत में जज्बा है, तो आप किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं।


Name- PRITY VERMA Roll. No- 21/410 Course- B.A. (PROG) HISTORY+ POLITICAL SCIENCE Subject- हिंदी सिनेमा और उसका अध्ययन